सोशल डिस्टेंसिंग को ठेंगा; राज्य में दूसरा मरीज मिलने के बाद भी बाजारों में नहीं बदले हालात, रोज की तरह भीड़ उमड़ी

सोशल डिस्टेंसिंग को ठेंगा; राज्य में दूसरा मरीज मिलने के बाद भी बाजारों में नहीं बदले हालात, रोज की तरह भीड़ उमड़ी


  • पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का ठीक से पालन नहीं हो रहा, बिना मास्क लगाए लोग टहल रहे
  • झारखंड में पहला कोरोना संक्रमित रांची के हिंदपीढ़ी में और दूसरा हजारीबाग के विष्णुगढ़ में मिला

दैनिक भास्कर

Apr 03, 2020, 02:45 PM IST

रांची/धनबाद/जमशेदपुर. झारखंड में कोरोनावायरस के संक्रमण के दो मरीज मिलने के बाद भी लोगों के बीच जागरूकता की कमी दिख रही है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, पलामू, गढ़वा, लोहरदगा समेत तमाम जिलों में अधिकतर जगहों पर न तो लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और न मास्क का उपयोग कर रहे हैं। लोगों की ये लापरवाही हजारों की जान को मुश्किल में डाल सकती है। लॉकडाउन के 10वें दिन शुक्रवार को सब्जी मंडियों में रोजाना की तरह भीड़ जुटी। पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं।

धनबाद के बैंक रोड में पुराना बाजार जाने वाले रास्ते पर बैरिकेटिंग।

पुलिस-प्रशासन सख्ती बरतने का दावा कर रहा है, लेकिन जनता पर यह बेअसर है। धनबाद के गोविंदपुर स्थित माडा में लगने वाले सब्जी मंडी में शुक्रवार को भीड़ जुटी। यहां लोगों के पास न तो मास्क था और न ही वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे।

धनबाद के पुराना बाजार में जुटी भीड़।

जमशेदपुर और रांची के बाजारों का भी ऐसा ही हाल रहा। जमशेदपुर के साकची, मानगो, आदित्यपुर और रांची के नागाबाबा खटाल, रातू रोड के बाजारों और सड़कों पर खासी भीड़ नजर आई। छोटे-बड़े तमाम वाहन चलते दिखे। हालांकि, रांची में भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने सख्ती बढ़ाई तो कुछ ही देर में सड़कों पर सन्नाटा छा गया।

धनबाद के पुराना बाजार में आवाजाही करते लोग।

राज्य में अब तक 2 रिपोर्ट पॉजिटिव, 382 निगेटिव
राज्य में अबतक कोरोना के कुल 529 संदिग्धों का ब्लड सैंपल लिया जा चुका है। इनमें से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 382 की रिपोर्ट निगेटिव है। 146 की रिपोर्ट आना बाकी है।

पहली मरीज मलेशियाई युवती, दूसरा मरीज बंगाल से लौटा था
झारखंड में कोरोना का दूसरा संक्रमित हजारीबाग के विष्णुगढ़ के करगालो गांव का रहने वाला है। 55 साल का यह व्यक्ति पश्चिम बंगाल के आसनसोल में एक शादी में गया था। 29 मार्च को वह लॉकडाउन के बावजूद पैदल ही गांव लौट आया था। पता चलने पर 30 मार्च को रैपिड एक्शन रिस्पॉन्स टीम ने उसकी स्क्रीनिंग की थी। उसे सांस लेने में तकलीफ और कफ की शिकायत थी। उसे हजारीबाग सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। बुधवार को उसके सैंपल की जांच रिम्स में की गई। बुधवार देर रात उसके पॉजिटिव होने का पता चला। इससे पहले रांची के हिंदपीढ़ी में रह रही मलेशियाई युवती में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का बेटा क्वारैंटाइन सेंटर में शिफ्ट
मधुपुर विधायक और राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे को क्वारैंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली की तब्लीगी जमात से लौटा है। मंत्री, उनका पूरा परिवार और उनके संपर्क में आए 6 लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है। इन सभी के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं। 

रिम्स और खेलगांव क्वारैंटाइन सेंटर में एनडीआरएफ तैनात करने की तैयारी
राज्य सरकार रांची के खेलगांव स्थित क्वारेंटाइन सेंटर और रिम्स के आइसोलेशन सेंटर में एनडीआरएफ की टीम तैनात करने की तैयारी में है। इसके लिए राज्य के गृह विभाग ने बिहार के बिहटा स्थित एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन को पत्र लिखकर मदद मांगी है। 

कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए 3 दिन में घर-घर सर्वे शुरू होगा

रांची में कोरोना के मरीजों की पहचान के लिए अब घर-घर सर्वे किया जाएगा। इसमें करीब एक हजार शिक्षक लगाए जाएंगे। इसके लिए 250 से अधिक टीमें बनाई जाएंगी। इनमें 50 साल से कम उम्र के लोगों को ही शामिल किया जा रहा है। जिला शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी ब्लॉक से 2 दिन में रिपोर्ट मांगी है। तीन दिन में यह सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। 

7 किलोमीटर के दायरे में विशेष सफाई की जाएगी
रांची के सिविल सर्जन डॉक्टर महेश्वर प्रसाद ने बताया कि अगर किसी इलाके में कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति पाया जाता है, तो उस स्थान को केंद्र बिंदु मानकर 3 किलोमीटर के दायरे को सैनिटाइज किया जाएगा। 7 किलोमीटर के दायरे में विशेष रूप से सफाई की जाएगी। इसके तहत मानगो के लिए 40, सोनारी के लिए 20, जबकि कदमा, धतकीडीह और बिरसानगर के लिए 15-15 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम में 4 सदस्य होंगे।

कोरोना से जंग में मदद पहुंचाने को बनाया वेब बेस्ड एप्लिकेशन
कोरोना के खिलाफ जंग के बीच लोगों की जरुरतों का ख्याल रखते हुए आईआईटी आईएसएम, धनबाद और आईआईटी हैदराबाद के पूर्ववर्ती छात्रों ने एक वेब बेस्ड एप्लिकेशन तैयार किया है। इंडिया फाइट्स कोरोना के इस अभियान में यह एप्लिकेशन इस क्षेत्र में काम कर रहे एनजीओ को जोड़ता है। पूर्ववर्ती छात्रों के इस ग्रुप में आईआईटी धनबाद के परारधा कुमार शामिल हैं। उन्होंने संस्थान के सभी स्टूडेंट्स से अपील की है कि ऐप के जरिए कोई भी कभी तरह का सुझाव ले सकता है। इधर, स्टूडेंट्स ने भी इसे देश भर में फैलाने की अपील की है, ताकि सभी संबंधित एनजीओ इसमें जुड़ कर हर जरूरतमंद तक मदद या अपनी सेवाएं पहुंचा सकें।

स्कूलों, कॉलेजों और धर्मशालाओं को भी क्वारेंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी
धनबाद में जिला प्रशासन ने संदिग्धों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वैकल्पिक क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए स्कूल, कॉलेज, मेरेज हॉल और धर्मशाला को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। 

पुलिस वाले टोपी नहीं पहनेंगे, इससे संक्रमण का ज्यादा खतरा
कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में सड़कों पर उतरे पुलिसकर्मियों और अफसरों को मुख्यालय ने टोपी नहीं पहनने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि टोपी से संक्रमण का ज्यादा खतरा है।

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